श्री मेहंदीपुर बालाजी

श्री भैरव बाबा

श्री प्रेतराज सरकार

सुबह की आरती
6.00 बजे से 6.40 तक
प्रात: कालीन दर्शन
7.00 बजे से 11.00 बजे तक
श्री बालाजी को राजभोग
11.30 AM से 12.00 PM तक
दोपहर के दर्शन
12.00 बजे से 6.50 तक(नोट: सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को श्री बालाजी के विशेष श्रृंगार (चोला चढ़ाने) हेतु शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे तक दर्शन बंद रहते हैं|)
शाम की आरती
6:30 से 7:10 तक
मंदिर के कपाट बंद होने का समय
रात्रि 9:00 बजे

श्री बालाजी महाराज मंदिर,

घाटा मेहंदीपुर, दौसा (राजस्थान)

श्री बालाजी महाराज का मंदिर जो कि घाटा मेहंदीपुर, तहसील सिकराय, जिला दौसा कि दो सुरम्य पहाड़ियों के बीच शोभायमान है। मंदिर का यह स्थान राजस्थान के दो जिलों (करोली और दौसा ) में विभक्त मेहन्दीपुर के भाग का एक महत्वपूर्ण अंश है। श्री बालाजी महाराज के बाल रूप को हज़ारों वर्षों से इसी पवित्र स्थल पे पूजा जा रहा है।

कई वर्षों पूर्व श्री बालाजी महाराज ने वर्तमान महंत श्री श्री १००८ डॉ नरेश पूरी जी महाराज के पूर्ववर्ती महंतों कि परंपरा के प्रथम दशनामी शैव सम्प्रदाय के गोस्वामी ब्रह्मलीन महंत श्री रामपुरी जी महाराज को स्वप्न में अपने घाटा मेहन्दीपुर में होने का आभास करवाया था। तत्पश्चात श्री रामपुरी जी महाराज ने ग्यारह गाँवों के पंच पटैलों को एकत्रित कर अपने स्वप्न का वृत्तान्त सुनाया। उसके अपरान्त सभी पंच पटैलों ने अरावली पर्वत की श्रंखला के मध्य में से झाड़-झंखाड़ व घास-फूस एवं पत्थरों को हटाया। भरमलीन श्री श्री १००८ महंत श्री रामपुरी जी महाराज ने श्री बालाजी महाराज का बाल रूप को भूरूप में श्रद्धापूर्वक स्थापित किया। उस समय से वर्तमान तक यह मंदिर भक्ति एवं श्रद्धा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

महत्व जानें
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महंत परंपरा

वर्त्तमान महंत १००८ श्री नरेश पूरी जी महाराज

प्राचीनकाल में दोनों पहाड़ियों के बीच घना जंगल हुआ करता था। बालाजी महाराज ने वर्तमान महंत डॉ. नरेश पूरी जी महाराज के पूर्ववर्ती महंतों की परंपरा में प्रथम दशनामी शैव सम्प्रदाय के गोस्वामी ब्रह्मलीन महंत श्री श्री १००८ राम पूरी जी महाराज को एक स्वप्न के माध्यम से अपने घाटा में होने का आभास करवाया था। श्री राम पूरी जी महाराज ने ११ गावों के पांच-पटैलों के साथ मिल कर जब जंगल से घास-फूस एवं पत्थरों को हटाया तो श्री बालाजी मेहंदीपुर की दिव्य प्रतिमा प्रकट हुई। तभी से आज तक महंत परंपरा के अनुसार ब्रह्मलीन श्री श्री १००८ राम पूरी जी महाराज , ब्रह्मलीन श्री श्री १००८ गणेश पूरी जी महाराज , ब्रह्मलीन श्री श्री १००८ किशोर पूरी जी महाराज एवं पर्त्मान महंत श्री श्री १००८ नरेश पूरी जी महाराज ने अपना सम्पूर्ण श्री बालाजी महाराज की सेवा-अर्चना और पूजा-पाठ के लिए समर्पित किया है।

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ॐ हं हनुमते नमः

सवामणी
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ॐ हं हनुमते नमः

मुख्य आकर्षण

समाधि स्थल

समाधि स्थल श्री मेहन्दीपुर बालाजी मंदिर से
मात्र २०० मीटर कि दूरी पर स्थितिकृत है।

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ट्रस्ट द्वारा संचालित लोक-कल्याणकारी प्रयास

श्री बालाजी महाराज के आशीर्वाद स्वरुप श्री घाटा मेहन्दीपुर बालाजी ट्रस्ट के अंतरगत कई जनसेवा कार्य किये जा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से हिन्दुत्त्व एवं वैदिक परम्पराओं को अग्रसर किया जा रहा है।

शिक्षा

लोकहित में संलग्नता

स्वास्थ्य

पर्यावरण

धार्मिक एवं आध्यात्मिक

सांस्कृतिक

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हमारा संस्थागत समूह

श्री बालाजी महाराज की कृपा एवं सभी भक्तजनों के सहयोग से मेहन्दीपुर बालाजी धाम में अनेक संस्थाओं की स्थापना हुई है, जो कि शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करती हैं।

महंत श्री किशोरपुरी कॉलेज ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी

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महंत श्री गणेशपुरी स्मृति कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय

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श्री बालाजी महिला विद्यापीठ शिक्षण संस्थान

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महंत श्री किशोरपुरी चिकित्सालय

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श्री बालाजी महिला पीजी कॉलेज

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श्री बालाजी महिला संस्कृत कॉलेज

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एम्एनपी पब्लिक स्कूल

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मंदिर पहुँचने का मार्ग

श्री बालाजी महाराज के मंदिर पहुँचने के मार्ग (सभी प्रकार के परिवहन द्वारा)

सड़क मार्ग

जयपुर से लगभग 110 किलोमीटर, दिल्ली से 220 किलोमीटर, और आगरा से 135 किलोमीटर की दूरी पर है।

ट्रेन मार्ग

निकटतम रेलवे स्टेशन बांदीकुई जंक्शन है, जो मंदिर से लगभग 30 किलोमीटर दूर है।

हवाई जहाज मार्ग

जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से 110 किलोमीटर दूर स्थित है।